श्री बजरंग बाण शुद्ध उच्चारण एवं ध्वनि मार्गदर्शिका
अवधी भाषा के विशिष्ट अक्षरों, महाप्राण व्यंजनों तथा तांत्रिक बीज मंत्रों के शुद्ध पाठ की सरल विधि।
बीज मंत्रों का शुद्ध उच्चारण (Beeja-Mantras)
बजरंग बाण में कुछ विशिष्ट ध्वनि-समूह हैं जो तांत्रिक बीज मंत्र कहलाते हैं। इनका उच्चारण करते समय जीभ और तालु का संतुलन आवश्यक है:
उच्चारण ध्वनि: "ह्रीं" (Hreem) में 'ह' + 'र' + 'ई' + नासिका अनुस्वार (Mmm) का एक साथ गुंजन होता है। इसे 'ह्रीम' या 'हरिम' अलग-अलग न बोलें, एक अखंड नाद में उच्चारित करें।
उच्चारण ध्वनि: "हुं" (Hum) में नाभि से तीव्र हुंकार निकलती है। 'उ' का स्वर संक्षिप्त और अनुनासिक रहेगा।
उच्चारण ध्वनि: "चं" तालव्य वर्ण है। जीभ तालु के अगले भाग को छूकर विद्युत गति की अनुभूति कराती है।
महाप्राण व्यंजन (Aspirated Consonants) गाइड
विशेषकर दक्षिण भारतीय भाषाओं (जैसे तमिल) तथा अंग्रेजी में महाप्राण ध्वनियों (जिसमें मुंह से वायु का हल्का झोंका निकलता है) के लिए ध्यान दें:
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